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सूबेदार का शव लेकर जा रही एंबुलेंस हादसे का शिकार, बेटे समेत चार की मौत

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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर किमी 79.6 के पास अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, दो की मौके पर और दो की इलाज के दौरान मौत

चंडीगढ़ से देवरिया ले जाया जा रहा था सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर, परिवार पर टूटा दोहरा दुख

युधिष्ठिर सिंह

बल्दीराय, सुल्तानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। हादसा हलियापुर थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 79.6 के पास हुआ, जहां चंडीगढ़ से देवरिया जा रही एंबुलेंस एक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गई। एंबुलेंस में सेना में तैनात रहे सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ले जाया जा रहा था। हादसे में उनके परिवार से जुड़े तीन लोगों और एंबुलेंस चालक की मौत हो गई।

बताया गया कि सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह का चंडीगढ़ में इलाज के दौरान निधन हुआ था। उनके पार्थिव शरीर को एंबुलेंस के जरिए देवरिया स्थित पैतृक गांव ले जाया जा रहा था। रविवार सुबह करीब 8:15 बजे एंबुलेंस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर किमी 79.6 के पास पहुंची, तभी पीछे से/आगे चल रहे वाहन से टक्कर होने के बाद दुर्घटना हुई। हादसे की परिस्थितियों और टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान को लेकर पुलिस जांच कर रही है।


बेटे और चालक की मौके पर मौत

हादसे में सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह के बेटे गौरव सिंह और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल परिवार के दो अन्य सदस्यों को तत्काल इलाज के लिए कुमारगंज क्षेत्र के अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस तरह हादसे में कुल चार लोगों की मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही यूपीडा के सुरक्षा कर्मी और हलियापुर पुलिस मौके पर पहुंचे। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू की।


पत्नी और बेटी दूसरे वाहन से आगे निकल गई थीं

परिवार के अनुसार, सत्यवान सिंह की पत्नी सरोजिनी सिंह और बेटी दीक्षा भी पार्थिव शरीर के साथ दूसरे वाहन से गांव लौट रही थीं। रास्ते में सेना का वाहन आगे निकल गया, जिसके चलते मां-बेटी पहले ही घर पहुंच गई थीं। इसी दौरान सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर लेकर आ रही एंबुलेंस हादसे का शिकार हो गई।

परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद पीड़ादायक रहा क्योंकि वह पहले से ही सत्यवान सिंह के निधन से सदमे में था। सत्यवान सिंह की बेटी दीक्षा चंडीगढ़ से बीटेक की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि बेटा गौरव सिंह नीट की तैयारी कर रहा था।


परिवार के कई सदस्य हादसे में बिछड़े

बताया गया कि सत्यवान सिंह के बड़े भाई रामसमुझ सिंह डाक विभाग में कार्यरत रहे और परिवार में उन्हें बड़े बाबू के नाम से जाना जाता था। उनके तीन बेटे विवेक, विकास और विशाल हैं। परिवार के रिश्तेदार राजन चौधरी भी हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल बताए गए हैं।

राजन चौधरी की पत्नी प्रतिभा और एक साल की बेटी है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार और गांव में मातम छा गया। एक ओर सत्यवान सिंह के अंतिम संस्कार की तैयारी थी, वहीं दूसरी ओर उनके बेटे समेत परिवार के अन्य सदस्यों की मौत की खबर ने परिजनों को झकझोर दिया।

डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी

हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। नायब तहसीलदार गुलाब सिंह समेत अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।

थाना प्रभारी अतुल कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई थी। सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर उनके गांव भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। चार मृतकों के शवों को नियमानुसार पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

अज्ञात वाहन की तलाश जारी

हादसे के बाद पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है। घटनास्थल और एक्सप्रेसवे से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इस बीच एक्सप्रेसवे पर लगे निगरानी तंत्र और हादसे के बाद वाहन की पहचान में हुई देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी अधिकारी की ओर से लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है।

एक ही परिवार पर पहले सैनिक के निधन और फिर उनके पार्थिव शरीर को घर ले जाते समय हुए हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

  

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